कीट नियंत्रण — पहचान और प्रबंधन
कीटों से फसलों को बचाने के लिए सही पहचान, सही समय और सही दवा तीनों ज़रूरी हैं। एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) से लागत भी कम और नुकसान भी कम।
फसलों के प्रमुख कीट: चूसने वाले कीट (सफेद मक्खी, थ्रिप्स, माइट, माहू/एफिड), चबाने वाले कीट (इल्ली, तना छेदक, फल छेदक, पत्ता मोड़क), और मिट्टी के कीट (दीमक, सफेद ग्रब)।
कीट पहचान के संकेत: पत्तों का पीला होना और गिरना, पत्तों पर चांदी जैसी धारियां (थ्रिप्स), पत्तों के नीचे सफेद चूर्ण जैसा कण (सफेद मक्खी), पत्तों में छेद (इल्ली), और फलों में छेद (फल छेदक)।
जैविक नियंत्रण: पीले स्टिकी ट्रैप (15-20 प्रति एकड़), नीम तेल 5 ml/L, बीवेरिया बेसियाना, नीम सीड कर्नल एक्सट्रैक्ट (NSKE) 5%, फेरोमोन ट्रैप। ये उपाय शुरुआती चरण में बहुत प्रभावी हैं।
रासायनिक नियंत्रण: इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (0.3 ml/L) सफेद मक्खी के लिए, स्पाइनोसैड 45% SC (0.3 ml/L) थ्रिप्स के लिए, फिप्रोनिल 5% SC इल्ली के लिए। हमेशा अनुशंसित मात्रा और सुरक्षा सावधानियों का पालन करें।
प्रतिरोध प्रबंधन: एक ही कीटनाशक बार-बार न डालें। 2-3 अलग कार्य-विधि (mode of action) वाले कीटनाशकों को बदलकर उपयोग करें।
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